पंजशीर फतह के जश्न में तालिबानी लड़ाकों ने झोंके हवाई फायर, 17 की मौत 41 घायल

तालिबान के दावे को विद्रोही गुटों ने किया खारिज

नई दिल्ली : पंजशीर में जीत का दावा करने के बाद जश्न में तालिबान लड़ाकों ने जमकर हवाई फायरिंग की। फायरिंग में 17 लोगों की मौत हो गई और करीब 41 लोग घायल भी हुए हैं। टोलो न्यूज के मुताबिक, शुक्रवार रात शहर में की गई हवाई फायरिंग में हुए घायल लोगों को इमरजेंसी की हालत में अस्पताल लाया गया। पंजशीर में तालिबान लड़ाकों और प्रतिद्वंद्वी ताकतों के बीच अफगानिस्तान के आखिरी प्रांत पर कब्जे के लिए लड़ाई चल रही है। जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से जारी लड़ाई में दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लड़ाके अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे पहले तालिबान ने पंजशीर को जीतने का दावा किया था। हालांकि, उत्तरी प्रतिरोधी मोर्चे ने तालिबान के दावे का खंडन किया है। इस घटना के बाद तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने ट्विटर पर सख्त नसीहत दी है कि लड़ाके जश्न के लिए हवाई फायरिंग के बजाय खुदा का शुक्रिया अदा करें।

तालिबान का दावा है कि उसने पंजशीर प्रांत को अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि रेजिस्टेंस फोर्सेज (विद्रोही गुटों) ने तालिबान के दावे को खारिज किया है। साथ ही यह भी दावा किया है कि उन्होंने तालिबान को भारी नुकसान पहुंचाया है। पंजशीर घाटी में विद्रोहियों का नेतृत्व कर रहे अहमद मसूद ने तालिबान के दावे का खंडन करते हुए कहा, पाकिस्तान में पंजशीर जीतने की जो खबरें प्रसारित हो रही हैं, वे फर्जी हैं। तालिबान ने दावा किया कि पंजशीर पर चढ़ाई के बाद अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति और पंजशीर से तालिबान को चुनौती दे रहे अमरुल्लाह सालेह खुद देश छोड़कर फरार हैं, हालांकि, इस बीच अमरुल्लाह सालेह ने एक वीडियो पोस्ट कर तालिबान के दावे को खारिज करते हुए कहा कि वह देश छोड़कर भागे नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि वह पंजशीर घाटी में ही हैं और रेसिस्टेंस फोर्स के कमांडरों और राजनीतिक हस्तियों के साथ हैं। 

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