गलवान घाटी के बहादुरों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे : वायुसेना प्रमुख

नई दिल्ली। लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सै​​निकों से हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. पूरा देश चीन से बदला लेने की मांग कर रहा है. इसके बीच वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने शनिवार को कहा कि वायु सेना लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और सही जगह तैनात है।

हैदराबाद के डुंडीगल में वायु सेना अकादमी (एएफए) में कम्बाइंड ग्रैजुएशन परेड (सीजीपी) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वायुसेना लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और वह लद्दाख की गलवां घाटी में हमारे शूरवीरों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देगी।

उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट होना चाहिए कि हम पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सही जगह तैनात हैं। मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और गलवां के अपने शूरवीरों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे।’

वायु सेना प्रमुख ने कहा कि चीनी बलों के साथ झड़प के दौरान हमारे सैनिकों की वीरता ने किसी भी कीमत पर अपने देश की संप्रभुता की रक्षा करने के संकल्प को दर्शाया है। उन्होंने कहा, लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कम समय के बावजूद भी हमने जिस तरह से कार्रवाई की, वह एक छोटा सा उदाहरण है।

वायुसेना अध्यक्ष ने भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प में शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू और अन्य जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भारतीय वायुसेना अकादमी में मौजूद लोगों से कहा कि कृपया कर्नल संतोष बाबू और उनके बहादुर लोगों को श्रद्धांजलि देने में शामिल हों, जिन्होंने गलवां घाटी में एलएसी का बचाव करते हुए बलिदान दिया।

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