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मन में कोई वहम न पालें अपने लिए समय निकालें

कोरोना काल में मानसिक तौर पर स्वस्थ रहना बेहद जरूरी 

लखनऊ। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हर किसी को मानसिक तौर पर स्वस्थ रहना बेहद ही जरूरी है । आस-पास या मोहल्ले में कोविड-19 पाजिटिव केस के सामने आने के बाद मन में किसी भी तरह का वहम न पालें बल्कि अपने लिए समय निकालें और बचाव के सारे प्रोटोकाल का पालन करें । ऐसे में नियमित रूप से व्यायाम करना और योगा का सहारा लेना भी बहुत ही कारगर साबित हो सकता है ।

नियमित रूप से व्यायाम व योगा इसमें हो सकता है सहायक

​किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफ़ेसर डॉ. आदर्श त्रिपाठी का कहना है कि शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए जरूरी है कि आप मानसिक रूप से भी अपने को पूरी तरह से स्वस्थ रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर का मन से बड़ा गहरा नाता है । हर वक्त सक्रिय रहने और मनोरंजक गतिविधियों में व्यस्त रखने के साथ ही सकारात्मक विचारों से तनाव व चिंता से आसानी से बचा जा सकता है । विपरीत परिस्थितियों में सिगरेट, तम्बाकू या शराब का सहारा कदापि न लें, ऐसा करना शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक साबित हो सकता है ।

डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि कोरोना काल में तमाम तरह के बदलावों का हर दिन – हर किसी को सामना करना पड़ रहा है । ऐसे बदलावों के दौर में संतुलन बनाना बेहद जरूरी है । कोरोना वायरस की जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती या मुकम्मल इलाज की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक जरूरी सावधानी बरतना ही उससे बचाव का सही तरीका है । इसलिए जब भी बाहर निकलें मास्क जरूर लगाएं, हाथों को साबुन-पानी से बार-बार धोते रहें, भीडभाड वाले स्थानों पर जाने से बचें, बाहर हर किसी से भी दो गज की दूरी बनाकर रखें, खांसते – छींकते वक्त टिश्यु पेपर या नैपकिन का इस्तेमाल करें । नियमित रूप से व्यायाम और योगा करें । खानपान का खास ख्याल रखें, भोजन में उन पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें जो कि रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) को बढाने वाले हों। ​
जो है भरोसे के काबिल-उसको ही बातों में करें   शामिल  कोरोना को लेकर जिन्दगी में आये ठहराव के साथ ही तमाम बदलाव के चलते मन में तरह-तरह के सवाल पैदा होना लाजिमी है । ऐसे में जिस पर आप सबसे अधिक भरोसा करते हैं, उससे अपने दिल की बात साझा करें । ऐसा करने से मन से चिंता और तनाव कम हो सकता है । किसी भी बात को लेकर दिमाग में लम्बे समय तक चलने वाली उधेड़बुन को ख़त्म करने का यह बड़ा ही सटीक जरिया बन सकता है । ​
सही सूचना ही स्वीकारें-गलत को नकारें :
​कोरोना काल में विश्वसनीय सूत्रों से मिलने वाली सूचनाओं को ही मानना जरूरी है, गलत व भ्रामक सूचनाएं किसी को भी दिक्कत में डाल सकती हैं । इसलिए सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें और सरकार व विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर दी जाने वालीं सूचनाओं को पुख्ता मानना चाहिए । कोरोना की चपेट में आने से बचने के लिए सुने-सुनाये नुस्खे को आजमाने से पूरी तरह से बचना चाहिए ।
फोन मिलाएं – समस्या का समाधान पाएं :
​अगर आप तनाव या चिंता महसूस कर रहे हैं तो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान (NIMHANS) के टोल फ्री नंबर- 080-46110007 पर कॉल करके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान पा सकते हैं ।

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