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अपनी विफलताओं को लेकर दिल्ली सरकार ने लगाया लॉकडाउन, यूपी-बिहार वालों को बार्डर पर छोड़ा

लखनऊ। दिल्ली सरकार ने 26 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन लगा दिया है। इसके बाद प्रवासी मजदूर एक बार फिर अपने घर को पलायन करने लगे हैं। लेकिन इन प्रवासियों को दिल्ली सरकार से कोई मदद न मिलने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने घेरा है। उन्होंने अपने एक बयान में कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फिर से यूपी-बिहार के लोगों के साथ वहीं रवैया अपनाया, जो पिछले साल फेस वन में दिखाया था। दिल्ली सरकार ने अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए इस तरह से लॉकडाउन लगाया जाता है तो व्यवस्थाएं चरमराती है और लोग परेशान होते हैं।

आरोप लगाया कि जब सरकार को वहां पर व्यवस्थाएं देनी थी तो नहीं दी। न बेड दिए और न ही अच्छे हॉस्पिटल, न ही लोगों को अन्य सुविधाएं दी। ऐसे में सिर्फ अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने का एक उपाय रह जाता है कि लॉकडाउन लगा दो। ऐसी विकट परिस्थिति में जब आपने लॉकडाउन लगाया तो उसका नतीजा कल रात को उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद के बार्डर पर देखा गया है। दिल्ली सरकार ने एक फिर वहीं सौतेला व्यवहार अपनाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को बसों से लाकर बॉर्डर पर छोड़ दिया। उनकी आगे जाने की कोई व्यवस्था तक नहीं की। केजरीवाल सरकार की इस हरकत के बावजूद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार रात को ही यूपी की सरकारी व गैर सरकारी बसें लगाकर 70 हजार से एक लाख लोगों को वहां से निकालने का ही नहीं बल्कि उनको उनके गंतव्य तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने जो लॉकडाउन लगाया है उसका नतीजा हम सब देख रहे हैं।

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