8 दिसम्बर के बाद यूरोपीय देशों से आने वाले कोविड जांच कराएं

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के उपचार एवं बचाव की प्रभावी व्यवस्था को बनाए रखने के निर्देश दिए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 के उपचार एवं बचाव की प्रभावी व्यवस्था को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रति हर स्तर पर पूरी सतर्कता व सावधानी बरती जाए। मुख्यमंत्री बुधवार को यहां लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोन वायरस के नए स्वरूप को ध्यान को रखते हुए पूरी सतर्कता बरतनी आवश्यक है। इस सम्बन्ध में थोड़ी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि विगत 25 नवम्बर से 8 दिसम्बर, 2020 के दौरान वायरस के नए स्वरूप से सम्बन्धित देशों से प्रदेश में आए लोगों के प्रभावी आइसोलेशन तथा लक्ष्ण के आधार पर टेस्टिंग की व्यवस्था की जाए। इन देशें से 9 दिसम्बर, 2020 के बाद प्रदेश में आए लोगों की अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर विधि से टेस्टिंग की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश द्वारा पूरे देश में कोविड-19 के सर्वाधिक संख्या में टेस्ट किए जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए टेस्टिंग कार्य को पूरी गति से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रति मिलियन टेस्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश का देश में द्वितीय स्थान है। उन्होंने प्रति मिलियन टेस्ट की संख्या में भी वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश में 01 लाख टेस्ट प्रति मिलियन के आधार पर जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरूस्त बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विशेषज्ञ चिकित्सक कोविड वाॅर्ड में नियमित राउण्ड लें। अस्पतालों में दवाओं, मेडिकल उपकरण तथा ऑक्सीजन की बैकअप सहित पर्याप्त उपलब्धता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में निरन्तर जागरूक किया जाए।
इस कार्य में विभिन्न प्रचार माध्यमों के साथ-साथ पब्लिक एड्रेस सिस्टम का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में समयबद्ध ढंग से कार्यवाही की जाए। इस सम्बन्ध में जिला स्तर पर संचालित गतिविधियों की गहन माॅनिटरिंग करते हुए वैक्सीन की स्टोरेज, कोल्ड चेन तथा ट्रांसर्पोटेशन के सम्बन्ध में सभी प्रबन्ध समय से किए जाएं। उन्होंने वैक्सीनेर्टस के प्रशिक्षण कार्य को पूरी सक्रियता से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता को गुणवत्तापरक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने मेडिकल काॅलेज विहीन प्रदेश के 16 जनपदों में मेडिकल काॅलेज की स्थापना के सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि इन जिलों में मेडिकल काॅलेजों की स्थापना से जनता को स्थानीय स्तर पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई तथा सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद वीना कुमारी मीना, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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