राज्य – The Lucknow Times https://thelucknowtimes.com Hindi News, Lifestyle & Entertainment Articles Fri, 29 Aug 2025 08:47:10 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.8.2 समाज को जोड़ने वाली है संघ प्रमुख की सोच https://thelucknowtimes.com/NewsArticle/150529/ Fri, 29 Aug 2025 08:47:10 +0000 https://thelucknowtimes.com/?p=150529 मोहन भागवत के समर्थन में उतरे मौलाना शहाबुद्दीन

बरेली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख डॉ मोहन भागवत का भाषण और उनका लेख कई दिनों से चर्चा में बना हुआ है। जहां एक तरफ कई मुस्लिम संगठन उनके बयानों की आलोचना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी भागवत के समर्थन में उतर आए हैं। मौलाना ने कहा कि आरएसएस भारत का सबसे बड़ा संगठन है। देश में किसी भी धर्म के मानने वालों का इतना बड़ा संगठन अभी तक वजूद में नहीं आया है। मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मोहन भागवत ने समाज को जोड़ने के लिए विभिन्न मौकों पर ऐसी बातें कही हैं, जिससे देश में सकारात्मक सोच विकसित हुई। उन्होंने कहा था कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर मत तलाश करो , यही बात फिर उन्होंने दोहराई है। विज्ञान भवन दिल्ली के सम्मेलन में भागवत ने कहा कि हर जगह शिवलिंग मत तलाश करो। साथ ही सभी लोगों को साथ में लेकर चलने की बात कही। कहा कि जब सब लोग मिलकर साथ चलेंगे तो देश तरक्की करेगा।

मौलाना ने कहा कि संघ प्रमुख की सकारात्मक सोच देश में बढ़ते हिंदू-मुस्लिम तनाव को कम करेगी। उनके बयानों और लेखों को सभी समुदाय के लोग को सकारात्मक सोच के साथ सुनना और पढ़ना चाहिए। मौलाना ने कहा कि अब बहुत सारे ऐसे संगठन जो देश में उपद्रव मचाते रहते हैं। आपसी टकराव और नफरत से न खुद कोई तरक्की कर सकता है और न समाज व न देश आगे बढ़ सकता है। तरक्की के लिए सभी समुदाय के लोगों को एक साथ मिलजुल कर चलना होगा। शहाबुद्दीन रजवी ने आगे कहा कि बीते दो वर्षों में देखा जा रहा है कि देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक स्थलों जैसे मस्जिद, मदरसा , मकबरों और मजारों को कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा निशाना बनाया गया। जिसकी वजह से हालात तनावपूर्ण हो गए। सरकारों को हस्तक्षेप करके मामले को निपटाना पड़ा। संघ प्रमुख के इन प्रयासों के बाद मुसलमानों को उम्मीद जगी है कि अब देश में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगेगी। सौहार्दपूर्ण वातावरण कायम होगा।

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योगी ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय भवन का किया भूमिपूजन https://thelucknowtimes.com/NewsArticle/150526/ Fri, 29 Aug 2025 08:42:23 +0000 https://thelucknowtimes.com/?p=150526 लखनऊ : आदित्यनाथ ने लखनऊ की अवध विहार योजना में शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय भवन के निर्माण लिए भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और उत्तर प्रदेश का राज्य निर्वाचन आयोग सर्वाधिक जनप्रतिनिधियों का चुनाव करता है। यहां 12 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। ऐसे आयोग के पास अपना भवन तक नहीं था पर अब डेढ़ वर्ष में आयोग का छह मंजिला भवन बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हम बचपन से ही सुनते आए हैं कि रोटी, कपड़ा और मकान किसी भी व्यक्ति की बुनियादी जरूरतें हैं और आयोग के पास अपना भवन तक नहीं था। अब ये कमी दूर हो जाएगी।

राजभर बोले, जो पहले नहीं हुआ वो अब हो रहा
इस मौके पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि योगी जी के रूप में हमें पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो लगातार परिश्रम कर प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी सरकार में इस तरह से काम हो रहे हैं जो कि अभी तक नहीं हुए हैं।

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बेईमान राजनीतिक दलों ने यूपी को बनाया था बीमारू राज्य : योगी https://thelucknowtimes.com/NewsArticle/150515/ Fri, 29 Aug 2025 08:21:11 +0000 https://thelucknowtimes.com/?p=150515 सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 2,425 मुख्य सेविकाओं एवं 13 फार्मासिस्टों को वितरित किए नियुक्तिपत्र, बोले सीएम योगी- पहले जहां योजनाएं नहीं पहुंच पाती थीं, आज वहां तक नौकरी पहुंच रही है, पारदर्शी व निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत आज प्रदेश में हर क्षेत्र के युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर : सीएम

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं था, बल्कि बेईमान राजनीतिक दलों ने इसे बीमारू राज्य बना दिया था। भ्रष्टाचार और बंदरबांट की राजनीति ने इस समृद्ध प्रदेश को पहचान के संकट में धकेल दिया था। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले नियुक्तियों में बंदरबांट होती थी, योग्य अभ्यर्थी भेदभाव और भ्रष्टाचार के शिकार होते थे। उन्होंने कहा कि 1947 के बाद 1960 तक यूपी देश का अग्रणी प्रदेश था, जिसका योगदान 14% से अधिक था। लेकिन 1960 के बाद गिरावट शुरू हुई और 1990 के बाद यह और तेज हो गई। 2017 तक यूपी का योगदान 8% से भी कम हो गया।

सीएम योगी बुधवार को लोकभवन सभागार में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 2,425 मुख्य सेविकाओं और 13 फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान खाद्यान्न उत्पादन, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश में यूपी पिछड़ता गया। नौजवान यूपी से बाहर जाते थे, लेकिन वहां भी पहचान का संकट झेलते थे। यह दंगों और परिवारवादी राजनीति का परिणाम था, जिसने यूपी को लूट का अड्डा बना दिया।

आज युवाओं को मिल रहे रोजगार के सुनहरे अवसर- सीएम योगी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि महिला और बाल विकास विभाग के तत्वाधान में नवचयनित मुख्य सेविकाओं और फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र वितरण प्रदेश भर की बेटियों के लिए अवसर है। उन्होंने सभी नवचयनितों को बधाई देते हुए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को इस निष्पक्ष प्रक्रिया के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि हर युवा के मन में सपना होता है और सरकार का दायित्व है कि उसे मंच दे। युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जावान होता है, लेकिन जब वह भेदभाव और भ्रष्टाचार का शिकार होता है, तो यह राष्ट्रीय क्षति है। 2017 से पहले यूपी में नियुक्तियां नहीं होती थीं, होती भी तो बंदरबांट और भ्रष्टाचार के चलते योग्य युवा पीछे रह जाते थे। नतीजा, यूपी बीमारू राज्य बन गया।

विपक्ष के पास मुद्दा नहीं, सिर्फ नकारात्मकता है- मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश में स्कूल मर्जर को लेकर मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दा नहीं, सिर्फ नकारात्मकता है। जर्जर भवनों को शिफ्ट करने और छात्र-शिक्षक अनुपात सुधारने का प्रयास राष्ट्रीय शिक्षा नीति का हिस्सा है। एक जर्जर भवन गिरने से बच्चे मरे, लेकिन विपक्ष भ्रम फैलाता है। हम खाली विद्यालयों में प्री-प्राइमरी और बाल वाटिका चलाएंगे, 5000 बाल वाटिकाएं सफलतापूर्वक संचालित भी हैं। सीएम योगी ने कहा कि इन विद्यालयों में विभिन्य गतिविधियों के माध्यम से पोषण मिशन से 3-6 वर्ष के बच्चों का मानसिक विकास होगा, जो स्वस्थ समाज के लिए महत्वपूर्ण है। सीएम ने 2047 के विकसित भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह रास्ता आंगनबाड़ी केंद्रों से शुरू होता है। उन्होंने नवचयनित मुख्य सेविकाओं और फॉर्मासिस्टों से ईमानदारी और भेदभाव मुक्त सेवा की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ बचपन से समृद्ध भविष्य बनेगा। आपकी जिम्मेदारी देश के बचपन को बचाने की है, जैसा मां यशोदा ने भगवान कृष्ण का पालन किया।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में नित नए आयाम हासिल कर रहा उत्तर प्रदेश
सीएम योगी ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि यूपी पुलिस में 2 महीने पहले 60,244 भर्ती में 12,045 बेटियां चयनित हुईं। 1947-2017 में सिर्फ 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, लेकिन 8 साल में 40,000 से अधिक बेटियों को भर्ती किया। बेसिक शिक्षा परिषद में 1,56,000 शिक्षकों में ज्यादातर बेटियां हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख किया, जिसमें 26 लाख से अधिक बेटियों को 25,000 रुपये का पैकेज मिला। साथ ही, 4 लाख बेटियों की शादी सामूहिक विवाह योजना से हुई और मातृ वंदना योजना में 183 करोड़ रुपये वितरित किए गए।

प्रदेश में स्वास्थ्य और कुपोषण में आया सुधार- मुख्यमंत्री
सीएम ने कहा कि एनएफएचएस सर्वे (2015-16) के बाद 2017 से महिलाओं में एनीमिया 5.1%, स्टंटिंग 6.6%, अल्पवजन 7.4%, और सूखापन 0.6% कम हुआ। शिशु मृत्यु दर 38 और मातृ मृत्यु दर 197 हो गई। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार और कुपोषण निवारण पर जोर देते हुए कहा कि स्मार्टफोन और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से आंकड़े बेहतर होंगे। उन्होंने कहा कि हर आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर समय पर पोषाहार मिल जाए, कुपोषित मन हो या बच्चा हो उसके लिए उपलब्ध पोषाहार समय पर उन्हें मिले, सभी प्रकार की योजनाओं का लाभ उन्हें प्राप्त हो सके इसके लिए मुख्य सेविकाओं को एक लीडर के रूप में आगे आना होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गिनाई विभाग की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि इसी वर्ष 19424 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, 3000 सहायिकाओं का प्रमोशन और 22,290 मिनी आंगनबाड़ी को मुख्य में तब्दील किया गया। उन्होंने कहा कि 1,90,000 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 1,90,000 सहायिकाओं के पद स्वीकृत हैं। ऑपरेशन कायाकल्प से आंगनबाड़ी केंद्रों का पुनरुद्धार हुआ। सीएम योगी ने लाभार्थियों से कहा कि आप सरकार की मंशा के अनुरूप परिणाम दें। जिससे यूपी एक सशक्त प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ सके।

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उत्तर प्रदेश बना औद्योगिक विकास का नया हब https://thelucknowtimes.com/NewsArticle/150511/ Fri, 29 Aug 2025 08:11:55 +0000 https://thelucknowtimes.com/?p=150511 एएसआई रिपोर्ट 2023-24 में यूपी टॉप-5 राज्यों में, रोजगार और उत्पादन में दर्ज हुई मजबूत बढ़त, रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश रोजगार और फैक्ट्री इकाइयों दोनों में शीर्ष 5 राज्यों में शामिल, पूरे देश में रोजगार के मामले में उत्तर प्रदेश की भागीदारी रही 8% : रिपोर्ट

लखनऊ/नई दिल्ली : वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण (Annual Survey of Industries – ASI) 2023-24 के ताज़ा नतीजों ने साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियाँ उत्तर प्रदेश को औद्योगिक विकास का नया हब बना रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश रोज़गार और फैक्ट्री इकाइयों दोनों में शीर्ष 5 राज्यों में शामिल है। एएसआई की यह रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की छवि से निकलकर भारत के औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

रोजगार सृजन में उत्तर प्रदेश आगे
एएसआई रिपोर्ट के मुताबिक इस सेक्टर में 2023-24 में रोजगार में 5.92% की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले दशक (2014-15 से 2023-24) में इस क्षेत्र ने 57 लाख से अधिक नौकरियां दीं। रोजगार के मामले में उत्तर प्रदेश तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के साथ टॉप-5 राज्यों में शामिल हुआ है। पूरे देश में रोजगार के मामले में उत्तर प्रदेश की भागीदारी 8% रही है। उत्तर प्रदेश ने विगत साढ़े 8 वर्षों में जिस तेजी से औद्योगिक विकास को रफ्तार दी है, उसकी वजह से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार सृजित हुए हैं। एएसआई रिपोर्ट में भी यह परिलक्षित हो रहा है।

यूपी में उद्योगों का तेजी से विस्तार
रिपोर्ट के अनुसार कुल फैक्ट्रियों की संख्या में भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा 8.51% है, जिससे यह देशभर में चौथे स्थान पर है। तमिलनाडु (15.43%), गुजरात (12.81%), महाराष्ट्र (10.20%) के बाद उत्तर प्रदेश का स्थान औद्योगिक ढांचे की मजबूती को दर्शाता है। योगी सरकार ने देश और विदेश में जिस तरह प्रदेश में निवेश का माहौल बनाया है उसके चलते बड़ी संख्या में यहां न सिर्फ निवेश हुआ, बल्कि फैक्ट्री भी लगी हैं। योगी सरकार की नीतियों के अनुरूप पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के साथ साथ नए औद्योगिक क्षेत्रों का भी सृजन हुआ, जिसने उद्यमियों को अपनी फैक्ट्री लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उत्पादन और जीवीए में रिकॉर्ड वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार, सकल मूल्य वर्धन (GVA) में 2023-24 में 11.89% की बढ़त दर्ज हुई। इसमें उत्तर प्रदेश की भागीदारी 7% रही है। औद्योगिक उत्पादन में 5.80% से अधिक वृद्धि हुई। शीर्ष 5 उद्योगों में बेसिक मेटल, मोटर वाहन, केमिकल व केमिकल प्रोडक्ट्स, फूड प्रोडक्ट्स और फ़ार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं , जिनमें उत्तर प्रदेश की अहम भागीदारी रही।

योगी सरकार की नीतियों का असर
औद्योगिक विकास के ये नतीजे इस बात की पुष्टि करते हैं कि योगी सरकार द्वारा लागू की गई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे के सुधार अब जमीन पर नतीजे दे रहे हैं। यूपी में डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश ने राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की सूची में ला खड़ा किया है।विशेषज्ञ मानते हैं कि यूपी का भौगोलिक लाभ, निवेशक-अनुकूल नीतियाँ और बेहतर लॉजिस्टिक्स भविष्य में इसे देश का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र बना सकते हैं।

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जहां पहले योजनाएं नहीं पहुंचती थीं, आज वहां मिल रहे रोजगार : योगी https://thelucknowtimes.com/NewsArticle/150509/ Fri, 29 Aug 2025 08:06:03 +0000 https://thelucknowtimes.com/?p=150509 थारू जनजाति की बेटियों का चयन निष्पक्ष प्रक्रिया का जीवंत उदाहरण

सीएम योगी ने 2,425 मुख्य सेविकाओं और 13 फार्मासिस्टों को वितरित किए नियुक्ति पत्र,सुदूर क्षेत्रों के लोगों में उम्मीद जगाने वाला है निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया, लाभार्थियों ने कहा- सीएम योगी की पारदर्शी प्रक्रिया से मिला हक, हम ईमानदारी से कर्तव्य निभाएंगे

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोक भवन सभागार में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 2,425 मुख्य सेविकाओं और 13 फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले जहां योजनाएं सुदूर इलाकों तक नहीं पहुंच पाती थीं, आज वही लोग नौकरी पा रहे हैं। विशेष रूप से थारू जनजाति और सुदूर क्षेत्रों की बेटियों का चयन इस निष्पक्ष प्रक्रिया का जीवंत उदाहरण है। कार्यक्रम में यूपी के विभिन्न क्षेत्रों से आई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा कर सीएम योगी को धन्यवाद दिया।

प्रतिभा हर जगह है, उन्हें बस अवसर चाहिए : सीएम योगी
महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान मैंने देखा कि आजमगढ़, अमरोहा, शामली, लखनऊ, कानपुर, आगरा, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज जैसे जनपदों के युवाओं को अवसर मिला। वहीं लखीमपुर खीरी और दुधवा नेशनल पार्क के जंगलों से थारू जनजाति की बेटियों का चयन हुआ, जो इस प्रक्रिया की पारदर्शिता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सूची में दो थारू बेटियों का चयन हुआ है, जो साबित करता है कि प्रतिभा हर जगह है, बस अवसर चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि थारू जनजाति और सुदूर इलाकों की बेटियों का चयन निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से ही संभव हुआ।

लोगों में उम्मीद जगाने वाला है निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया
सीएम योगी ने कहा कि अगर आजमगढ़, अमरोहा, बिजनौर, शामली, ललितपुर, जालौन या सोनभद्र की बेटी चयनित होती है, तो यह साफ है कि प्रतिभा वहां भी थी और प्रक्रिया निष्पक्ष रही। यह कदम न केवल युवाओं को रोजगार दे रहा है, बल्कि सुदूर क्षेत्रों के लोगों में उम्मीद जगाने वाला है। सीएम योगी ने लाभार्थियों से कहा कि यह अवसर उनकी मेहनत का फल है और अब उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदारी निभानी है। आपके चयन से यह साबित होता है कि प्रतिभा की कोई सीमा नहीं। सुदूर इलाकों से आई बेटियों की सफलता यूपी की प्रगति का प्रतीक है।

लाभार्थियों ने सीएम योगी से साझा किए अनुभव
लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने अनुभव साझा किए। लखीमपुर खीरी से आई थारू समुदाय की नंदू राना, जो मुख्य सेविका के पद पर चयनित है। उन्होंने कहा कि दुधवा नेशनल पार्क के जंगलों से हूं। अतिपिछड़े क्षेत्र से हूं, जहां मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं। सीमित संसाधनों में पढ़ाई की और आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से निष्पक्ष प्रक्रिया से मुख्य सेविका के पद पर चयन हुआ। इसके अलावा विभिन्न पृष्ठभूमि और क्षेत्रों से आई अन्य लाभार्थियों ने भी योगी सरकार की पारदर्शी भर्ती की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि हमें हक मिला और हम ईमानदारी से कर्तव्य निभाएंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्य, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, प्रमुख सचिव लीना जौहरी समेत विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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सूचना विभाग में नई जिम्मेदारियां, हर अधिकारी पर जवाबदेही तय https://thelucknowtimes.com/NewsArticle/150502/ Thu, 28 Aug 2025 11:24:18 +0000 https://thelucknowtimes.com/?p=150502 नई जिम्मेदारियों से बढ़ेगी पारदर्शिता, डायरेक्टर इंफॉर्मेशन विशाल सिंह के नेतृत्व में विभाग का कायाकल्प, डिजिटल से लेकर प्रिंट मीडिया तक सशक्त रणनीति

सुरेश गांधी

वाराणसी : उत्तर प्रदेश का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (आई एंड पीआरडी) इन दिनों व्यापक बदलावों से गुजर रहा है। सरकार ने विभाग को और सक्षम, आधुनिक तथा जवाबदेह बनाने के लिए कई नए अधिकारियों की तैनाती की है। इसका सीधा उद्देश्य है कि सरकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी त्वरित, सटीक और प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचे। डायरेक्टर इंफॉर्मेशन विशाल सिंह इन परिवर्तनों के केंद्र में हैं। वे विभाग में नई ऊर्जा और तकनीक का समावेश करते हुए इसे एक आधुनिक स्वरूप देने में जुटे हैं। अब हर अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी और जवाबदेही भी स्पष्ट होगी, जिससे प्रचार-प्रसार की कार्यप्रणाली और अधिक व्यवस्थित हो सके।

नई संरचना के तहत अनुराग प्रसाद को सोशल और डिजिटल मीडिया की कमान दी गई है। सोशल प्लेटफॉर्म्स पर सरकारी अभियानों की धारणा और प्रभाव तय करना आज की सबसे बड़ी चुनौती है, जिसे वे संभालेंगे। आत्रेय मिश्र को इलेक्ट्रॉनिक चैनल्स और प्रिंट मीडिया से जुड़े प्रचार-प्रसार का दायित्व सौंपा गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें जनता और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करने के लिए मिली है।

मतलब साफ है आज की राजनीति और प्रशासन में सूचना विभाग की भूमिका केवल “सरकारी प्रचार” तक सीमित नहीं रह गई है। यह विभाग जनता और सरकार के बीच सेतु का काम करता है। विपक्ष और आलोचकों का प्रयास रहता है कि सरकार की योजनाओं को लेकर भ्रम और नकारात्मक नैरेटिव गढ़ा जाए। ऐसे में सूचना विभाग की जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों के साथ जवाब दे और जनता तक सही तस्वीर पहुंचे। योगी सरकार का यह कदम बताता है कि वह सूचना तंत्र को सिर्फ प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और संवाद का सशक्त औजार बनाना चाहती है। सोशल व डिजिटल मीडिया की ताकत का उपयोग करते हुए, साथ ही परंपरागत प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की विश्वसनीयता को जोड़ते हुए, यह मॉडल सरकार को जनता से सीधा जोड़ने का काम करेगा।

विशाल सिंह की भूमिका
विशाल सिंह की पहचान एक ऊर्जावान और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में है। त्वरित सूचना व्यवस्था और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उनके प्रयासों ने विभाग को नई पहचान दी। वे नवाचार और जवाबदेही दोनों पर जोर देते हैं। यही वजह है कि उनके नेतृत्व में सूचना विभाग अब केवल “प्रचार तंत्र” नहीं, बल्कि “विपक्षी नैरेटिव का जवाब देने और जनता तक सकारात्मक संदेश पहुँचाने वाला” विभाग बन रहा है। निस्संदेह, इन नए बदलावों से उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश का सूचना विभाग आने वाले समय में और सशक्त बनेगा। सरकार की योजनाएं और उपलब्धियां जनता तक अधिक पारदर्शिता और सटीकता से पहुंचेंगी तथा आलोचनाओं और भ्रम फैलाने की कोशिशों को भी तथ्यात्मक जवाब मिलेगा।

सूचना विभाग में नई जिम्मेदारिया
अनुराग प्रसाद : सोशल व डिजिटल मीडिया की कमान।
आत्रेय मिश्र : इलेक्ट्रॉनिक चैनल्स व प्रिंट मीडिया की जिम्मेदारी।
हर अधिकारी की जवाबदेही तय : विभाग में कामकाज होगा अधिक पारदर्शी।
विशाल सिंह, डायरेक्टर इंफॉर्मेशन : बदलावों के सूत्रधार, नवाचार व जवाबदेही पर जोर।
सरकार का मकसद : योजनाओं की सटीक जानकारी जनता तक पहुँचाना और विपक्षी नैरेटिव को तथ्यों से जवाब देना।

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एक नहीं, अब तीन किमी के अंदर होगा स्कूलों का विलय https://thelucknowtimes.com/NewsArticle/150500/ Thu, 28 Aug 2025 09:02:24 +0000 https://thelucknowtimes.com/?p=150500 लखनऊ : उत्तर प्रदेश में उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विलय को लेकर बड़ी खबर है। अब तीन किमी के अंदर आने वाले स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। अभी तक एक किमी के अंदर के स्कूलों को मर्ज किया जा रहा था। इसके लिए शासन ने शिक्षा मंत्रालय के आदेश का अनुपालन करने के लिए संबंधित को निर्देश जारी कर दिए हैं। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने पत्र जारी करते लिखा कि 16 जून, 2025 को जारी निर्देश के क्रम में अपर्याप्त छात्र नामांकन वाले विद्यालयों को नजदीक के विद्यालयों के साथ पेयर किया जाए। इस दौरान स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखें।

उन्होंने आगे कहा कि छोटे एवं कम संसाधनों वाले विद्यालयों को बड़े विद्यालयों के साथ जोड़ा जाए। जिन विद्यालयों में छात्र नामांकन 50 से कम है। उनकी पेयरिंग की जाए। इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालयों की पेयरिंग एक किमी के अंदर तथा परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों की पेयरिंग तीन किमी के अंदर की जाए। इसको लेकर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने निर्देशित किया कि शासन के निर्देशों का पालन किया जाए।

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आयोग ने सीएम योगी को सौंपी संभल दंगों की रिपोर्ट https://thelucknowtimes.com/NewsArticle/150497/ Thu, 28 Aug 2025 08:58:28 +0000 https://thelucknowtimes.com/?p=150497 लखनऊ : उत्तर प्रदेश के संभल में हुए दंगों की जांच रिपोर्ट जांच आयोग ने गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। 24 नवंबर 2024 को मस्जिद सर्वे के दौरान हिंसा हुई थी। इसकी जांच इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति डीके अरोड़ा की अध्यक्षता में गठित जांच आयोग को सौंपी गई थी। इसमें पूर्व डीजीपी एके जैन और सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद सदस्य बनाए गए थे। आयोग ने सीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इस दौरान सीएम के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद और प्रमुख सचिव (संसदीय कार्य) जेपी सिंह मौजूद रहे।

जांच आयोग ने 450 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में न केवल 24 नवंबर को हुई हिंसा का ज़िक्र है, बल्कि संभल में इससे पहले कब-कब दंगे हुए, इनका भी उल्लेख किया गया है। उन दंगों के दौरान क्या-क्या हुआ, इसका भी पूरा विवरण लिखा गया है। बताते चलें कि संभल में हुई न्यायिक हिंसा पर तैयार की रिपोर्ट में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का भी ज़िक्र है। इसमें बताया गया कि कभी यहां पर 45 प्रतिशत आबादी हिंदू थी। लेकिन, वर्तमान में यह घटकर 15 से 20 प्रतिशत ही रह गई है।

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भारत का बढ़ा मान, स्टॉकहोम वर्ल्ड वॉटर वीक में नदी संरक्षण के लिए ‘नमामि गंगे’ को दुनिया ने सराहा https://thelucknowtimes.com/NewsArticle/150489/ Thu, 28 Aug 2025 08:45:36 +0000 https://thelucknowtimes.com/?p=150489 गंगा के विस्तृत प्रवाह वाले प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश नमामि गंगे कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र रहा

वाराणसी में रिवरफ्रंट, कानपुर में सीवेज शोधन संयंत्रों तथा छोटे एवं मझौले नगरों में सामुदायिक भागीदारी पहलों ने अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया, विशेषज्ञों ने की भावुक अपील-शहर अब केवल उपभोक्ता नहीं, नदी बेसिन के सक्रिय संरक्षक बनें, 40 हज़ार करोड़ से गंगा पुनर्जीवन की ऐतिहासिक पहल, जन आंदोलन बना नमामि गंगे अभियान, हाइब्रिड एन्यूटी से लेकर सोलर एसटीपी तक नई तकनीक ने बढ़ाया भरोसा

नई दिल्ली/लखनऊ : नदियाँ और जल संसाधन सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, और इनका पुनर्जीवन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। नदी पुनर्जीवन और जल संरक्षण में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की अग्रणी पहलों ने इसे वैश्विक जल संवाद में एक प्रमुख आवाज बना दिया है। इस वर्ष स्टॉकहोम वर्ल्ड वॉटर वीक में इसकी भागीदारी भारत की बढ़ती भूमिका को उजागर करती है, जो जल संबंधी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अहम योगदान दे रही है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल वॉटर इंस्टीट्यूट (SIWI) द्वारा वर्ष 1991 से आयोजित यह प्रतिष्ठित आयोजन अब वैश्विक नीति निर्धारकों, वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए सबसे प्रभावशाली मंच बन चुका है। गंगा के विस्तृत प्रवाह वाले प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश नमामि गंगे कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र रहा है। वाराणसी में रिवरफ्रंट विकास, कानपुर में सीवेज शोधन संयंत्रों की स्थापना तथा छोटे एवं मझौले नगरों में सामुदायिक भागीदारी आधारित पहलें इस अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही हैं।

इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का केंद्र बिंदु बना “नदी शहरों की पुनर्कल्पना: जलवायु-संवेदी और बेसिन-केंद्रित शहरी विकास”, जिसमें राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG), राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (NIUA) और जर्मन विकास सहयोग (GIZ) ने मिलकर नेतृत्व किया। इस सत्र में विशेषज्ञों ने जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण की चुनौतियों के बीच, नदी-केंद्रित विकास ही शहरों को टिकाऊ और सुरक्षित बना सकता है।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नमामि गंगे मिशन ने भारत में नदियों के पुनरुद्धार के लिए एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव की नींव रखी है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत अब तक 40 हजार करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा चुका है, जो गंगा और उसकी सहायक नदियों को उनके प्राचीन रूप में पुनः स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे मिशन एक जीवित उदाहरण है, जो यह साबित करता है कि जब आधुनिक तकनीक और नवाचार का संगम होता है, तो नदियों को पुनः जीवनदायिनी बनाने में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि मिशन के अंतर्गत की गई पहलें, जैसे हाइब्रिड एनीटी मॉडल आधारित एसटीपी, सोलर पावर्ड ट्रीटमेंट प्लांट और मृदा जैव प्रौद्योगिकी, वैश्विक मानकों को स्थापित करने में योगदान दे रही हैं। श्री मित्तल ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस कार्यक्रम को एक विशाल जन आंदोलन में बदला गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। वैश्विक सहयोगों की अहमियत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व बैंक, जीआईजेड, सी-गंगा, नीदरलैंड्स और डेनमार्क का सहयोग नदी विज्ञान, जल सुरक्षा और प्रबंधन में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सम्मेलन में विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया कि जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण की समस्याओं का हल केवल नदी-बेसिनों के संरक्षण और प्रबंधन में ही छुपा है। इस संदर्भ में भारत की ‘नमामि गंगे’ पहल को आदर्श उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे अन्य देशों के लिए अनुकरणीय माना गया। प्रदूषण नियंत्रण, जैविक खेती, आर्द्रभूमि संरक्षण और जलवायु-स्मार्ट शहरी विकास जैसे कदमों ने इस मिशन को वैश्विक स्तर पर प्रेरणा का स्रोत बना दिया है।

विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है जब शहरों को केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि नदी-बेसिनों के सक्रिय संरक्षक के रूप में कार्य करना होगा। जलवायु परिवर्तन के दौर में नदियों का संरक्षण अनिवार्य बन चुका है और इसके लिए नदी-केंद्रित शहरी विकास को अपनाना होगा। सत्र के समापन में यह महत्वपूर्ण संदेश सामने आया– जब शहर मिलकर काम करेंगे और सीमा पार सोचेंगे, तो नदियों को बचाया जा सकता है और उन्हें समृद्ध भी किया जा सकता है। यही स्थिरता और समृद्धि का वास्तविक आधार होगा, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा और पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करेगा।

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योगी सरकार में देश के दिग्गज निवेशकों को भाया गोरखपुर https://thelucknowtimes.com/NewsArticle/150485/ Thu, 28 Aug 2025 08:38:56 +0000 https://thelucknowtimes.com/?p=150485 अडानी समूह और कोका कोला के प्रमुख बॉटलर ने भी उद्योग लगाने को ली जमीन, पेप्सिको का बॉटलिंग प्लांट पहले से उत्पादनरत, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और श्री सीमेंट्स ने भी मांगी औद्योगिक जमीन, वर्तमान वित्तीय वर्ष में 54 नई यूनिट्स के लिए गीडा ने किया 182 एकड़ भूमि का रिकार्ड आवंटन

गोरखपुर : दशकों तक जिस गोरखपुर में स्थानीय पूंजीपति भी औद्योगिक निवेश करने से घबराते थे, योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार की प्रोत्साहनपरक नीतियों, कारोबारी सुगमता और शानदार कनेक्टिविटी से अब वहां नामी कंपनियों के आने की होड़ सी दिखती है। निवेशकों की डिमांड के अनुरूप गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने न केवल लैंड बैंक समृद्ध किया है बल्कि साल दर साल औद्योगिक भूखंडों का आवंटन भी तेज हुआ है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में तो गीडा ने अब तक 54 नई यूनिट्स के लिए रिकार्ड 182 एकड़ भूमि का आवंटन किया है। इससे 5800 करोड़ रुपये के नए पूंजी निवेश के साथ 8500 लोगों के लिए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

लंबे दौर तक पहचान को जूझता रहा गोरखपुर अब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी के मामले में मजबूत होकर औद्योगिक नक्शे पर भी चमक गया है। जिस जिले से उद्यमियों ने मुंह फेर लिया था, वहां 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से औद्योगिक प्रगति का ऐसा माहौल बनना शुरू हुआ कि देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां, यहां तक कि मल्टीनेशनल भी इंडस्ट्री लगा रही हैं। औद्योगिक प्रगति के नए कालखंड में सिर्फ गत पांच साल की बात करें तो इस दौरान गीडा को 9445 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले और इसके जरिये 22922 रोजगार सृजन संभव हुआ। इसमें मल्टीनेशनल ब्रांड पेप्सिको, केयान डिस्टिलरी, ज्ञान डेयरी, टेक्नोप्लास्ट और केंद्रीय भंडारण निगम, कपिला कृषि उद्योग, एपीएल अपोलो ट्यूब्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

गोरखपुर में अडानी समूह ने अंबुजा ब्रांड सीमेंट फैक्ट्री की नई यूनिट और कोका कोला के प्रमुख बॉटलर अमृत बॉटलर्स ने भी यूनिट लगाने को जमीन ले ली है। यही नहीं, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और श्री सीमेंट्स ने भी निवेश की उत्सुकता दिखाते हुए गीडा से औद्योगिक जमीन मांगी है। श्री सीमेंट्स की टीम पहले ही जमीन देखने के लिए दौरा कर चुकी है जबकि रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रतिनिधि मंगलवार को विजिट पर आए थे। अपने पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्र के साथ गीडा ने गोरखपुर के दक्षिणांचल में धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को भी औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना शुरू कर दिया है। गत दिनों यहां दो बड़े औद्योगिक निवेश के लिए भूमि का आवंटन किया जा चुका है। गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक का कहना है कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में गोरखपुर में निवेश और औद्योगिक विकास का शानदार इको सिस्टम तैयार हुआ है। गीडा द्वारा निवेशकों की मांग और पसंद के अनुरूप जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। इसका नतीजा है कि यहां औद्योगिक निवेश लगातार बढ़ रहा है।

2025-26 में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को आवंटित जमीन से प्रस्तावित निवेश
श्रेयश डिस्टिलरीज 2667 करोड़ रु.
अंबुजा सीमेंट (अडानी ग्रुप) 1400 करोड़ रु.
अमृत बॉटलर्स (कोका कोला) 800 करोड़ रु.
केयान डिस्टिलरीज 600 करोड़ रु.
विजन परेन्टल (फार्मास्युटिकल)100 करोड़ रु.

आगामी प्रस्तावित निवेश प्रस्ताव
रिलायंस सीपीएल 1000 करोड़ रु.
श्री सीमेंट्स 500 करोड़ रु.
लाइफकेयर्स हॉस्पिटल 500 करोड़ रु.
ईएसआईसी 150 करोड़ रु.
डीपीएस 50 करोड़ रु.

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