उत्तर प्रदेशराज्य

दलालों, ब्लड माफियाओं और अवैध कब्जेदारों पर हो सख्त कार्रवाई

योगी की अफसरों को दो टूक, बाढ़ राहत को प्राथमिकता, विकास परियोजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

सीएम बोले, जनता को समय पर राहत और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें, बाढ़ पीड़ितों की मदद में कोताही न हो, 66 परियोजनाओं की समीक्षा, जनवरी 2026 तक रिंग रोड पूरा करने का आदेश, अधिकारियों को स्पष्ट आदेश : समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य ही प्राथमिकता

सुरेश गांधी

वाराणसी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वाराणसी दौरा इस बार केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट चेतावनी और ठोस दिशा-निर्देश देने का अवसर भी बना। सीएम ने साफ कहा कि बाढ़ पीड़ितों की तकलीफों को तत्काल दूर करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। राहत सामग्री, मुआवजा और बुनियादी सुविधाएं हर हाल में समय से पहुंचें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने और उनकी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्देश दिया।

सीएम ने कहा कि किसानों को मुआवजा वितरण में किसी तरह की लापरवाही न हो। समीक्षा बैठक में उन्होंने 15 हजार करोड़ की 66 बड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर पैनी नजर डाली। रिंग रोड फेज-2 को जनवरी 2026 और कज्जाकपुरा फ्लाईओवर को नवंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय करना इस बात का संकेत है कि विकास में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही सीएम ने अस्पतालों में दलालों, खाद की कालाबाजारी, ब्लड माफियाओं, प्रोफेशनल ब्लड डोनरों की पहचान, गोवंश व आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जे पर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए।

योगी का यह दौरा न केवल बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि काशी की धरती से वह प्रशासन को अनुशासन और जवाबदेही का नया मंत्र दे रहे हैं। अपराधियों पर पुलिस का भय दिखना चाहिए और जनता को विकास का लाभ समय पर मिलना चाहिए, यही सीएम का स्पष्ट एजेंडा है। मुख्यमंत्री ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत सुरक्षा व अन्य तैयारियों को समय से पूर्ण करने का आदेश दिया। उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी सख्ती बरतते हुए कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय स्पष्ट दिखना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्युत तारों के अंडर ग्राउंड केबलिंग के कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन करें। मानक के अनुरुप ही सीवर लाइन बिछना सुनिश्चित करें। परियोजनाओं के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी अपने निरीक्षण में इसकी मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। सड़कों के किनारे ड्रेनेज भी मानक के अनुसार बनाना सुनिश्चित करें, ताकि कोई जलजमाव की स्थिति न बने, पर्याप्त जलनिकासी की व्यवस्था हो। स्टेडियम में अधिकाधिक स्थानीय खिलाड़ियों को मौका मिले, अच्छे कोचों की नियुक्ति हो। कल्याण मंडमपम एवं अन्य भवनों को आमजन के उपयोगार्थ एक सुविधाजनक दर पर आवंटित करना सुनिश्चित करें, कोई मनमाना शुल्क वसूली न हो। वीडीए तथा यूपीसीडा द्वारा जिस उद्देश्य के लिये भूमि आवंटित की गयी है उसपर तय समय में विकास कार्य होना सुनिश्चित हो अन्यथा जुर्माने के साथ उनसे वसूली करें।

बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, राय धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री व विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, डॉ अवधेश सिंह, डॉ सुनिल पटेल, त्रिभुवन राम, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, डीआईजी वैभव कृष्ण, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीना, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण शंभू कुमार, विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग, नगर आयुक्त अक्षत वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल, डीएफओ स्वाति श्रीवास्तव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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