उत्तर प्रदेशराज्य

अनदेखे आंकड़े और तनावपूर्ण जीवनशैली : दिल के दौरे की चिंताजनक बढ़ोतरी

इटावा : कहते हैं कि तंदुरुस्ती हजार नियायत है, सेहत फिट है तो सब हिट है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तमाम बीमारियों ने मानव जीवन को घेर लिया है। इसी के मदृेनजर इटावा में सेमिनार आयोजित हुआ जिसका विषय था ‘अनदेखे आंकड़े और तनावपूर्ण जीवनशैली: युवाओं में दिल के दौरे की बढती घटनाएं’। इसमें कई चिकित्सा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और भारत के युवाओों में बढ़ती दिल की बीमाररयो पर चर्च की। इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण डॉ.अभीनीत गुप्ता (एसोसिएट डायरे क्टर, कार्डियक साइंसेज, रीजेंसी हेल्थ, कानपुर) ने दिया। डॉ. गुप्ता, जो एम्स (दिल्ली) से कार्डियोलोजी में डीएम हैं और SCAI (Society for Cardiovascular Angiography and Interventions) में फेलोशिप की हैं, उन्होंने बताया कि अब बहुत से युवाओ को बिना पूर्व लक्षण के दिल का दौरा पड़ रहा है, जो कि गंभीर चिंता का विषय है।

बढती चिंता : क्यों खतरे में हैं आज के युवा?
डॉ. गुप्ता ने कहा अब हृदय रोग सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नही रह गए हैं। अब 25 से 40 की उम्र के युवाओ में भी दिल के दौरे हो रहे हैं। उन्होंने “खामोश तीकड़ी” (Silent Triad) की बात की, जो अक्सर ध्यान नही दी जाती: अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (LDL) एवं अनजाना या ठीक से नियंत्रित न किया गया मधुमेह (डायबिटीज) इनके साथ-साथ तनाव और ख़राब जीवन शैली मिलकर युवाओ में हार्ट अटैक का कारण बन रहे हैं। डॉ. गुप्ता ने कहा की “25 से 30 साल की उम्र तक हर व्यक्ति को अपना ब्लड प्रेशर, शुगर और कॉलेस्ट्रॉल ज़रूर चेक करवाना चाहिए। लक्षण का इंतजार करना खतरनाक हो सकता है। रोकथाम ही सबसे बड़ा इलाज है।

मुख्य आंकड़े और चौंकाने वाली जानकारी
डायबिटीज और हाई बीपी एक साथ: 60% नए डायबिटीज मरीजों में हाई ब्लड प्रेशर भी मिला। कम उम्र में हार्ट अटैक: भारत में 50% पुरुषोों को 50 साल से पहले और 25% को 40 साल से पहले दिल का दौरा पड़ता है—यह अन्य देशोों के मुकाबले 10 से 33% पहले है। नजरअंदाज लक्षण सीने में भारीपन, थकावट, सांस फूलना और अपच जैसे समस्याओ को युवा अक्सर अनदेखा कर देते हैं। बीमारी की जानकारी नहीं: 40 साल से कम उम्र के 25% मरीजो को दिल की बीमारी के बारे में कोई जानकारी नही थी।

आधुनिक जीवनशैली: एक छुपा हुआ खतरा
डॉ. गुप्ता ने जीवन शैली में बदलाव को जरूरी बताया और ये कारण बताए: नौकरी और काम का अत्यधिक तनाव, नीदों की कमी और मोबाइल/डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज़्यादा समय बिताना , व्यायाम की कमी तला-भुना, जंक और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन धूम्रपान और शराब का सेवन।

इलाज से बेहतर है समय पर बचाव
डॉ गुप्ता ने कहा कि युवाओं में भी हृदय रोगो की सम्भावना हो सकती है अतः इलाज से बेहतर है समय पर बचाव। पहला लक्षण आने तक इंतजार करना बड़ी गलती हो सकती है। भारत में हृदय रोगो से संबंधित “चुपचाप फैलती महामारी”देखी जा रही है अर्थात युवाओ में बढ़ते दिल के दौरे। इसका मुख्य कारण है—स्वास्थय से संबंधित अनदेखे नंबर और खराब जीवन शैली। अब वक्त है जागने का। अगर आज हम संचेत हो जाए , नियमित रूप से जांच कराये और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं तो हज़ारो जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

डॉ.गुप्ता ने दिए कुछ ज़रूरी सुझाव
✔ अपने नंबर जानिए: ब्लड प्रेशर, फास्टिंग ब्लड शुगर / HbA1c, और लिपिड प्रोफ़ाइल चेक कराएं।
✔ अच्छी आदतें अपनाए : रोज़ व्यायाम करें, पर्याप्त नींद ले, नमक कम खाए , फल सब्जियां ज़्यादा खाएं।
✔ तनाव से बचे : योग, ध्यान, या मन पसंद शौक अपनाए।
✔ धूम्रपान और शराब से बचे
✔ 25 साल की उम्र से हर साल हेल्थ चेकअप कराएं लक्षणों का इतज़ार मत करें

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