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Trump के टैरिफ से निपटने को 50 देशों में निर्यात बढ़ाएगी सरकार

नई दिल्ली : अमेरिका के 50 फीसदी के भारी टैरिफ से निपटने और निर्यातकों की सुरक्षा के लिए सरकार पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका जैसे क्षेत्रों के 50 देशों में निर्यात बढ़ाने की तैयारी कर रही है। खास बात है कि भारत के कुल निर्यात में इन देशों की हिस्सेदारी करीब 90 फीसदी है। एक अधिकारी ने सोमवार को बताया, वाणिज्य मंत्रालय निर्यात विविधीकरण, आयात प्रतिस्थापन और निर्यात क्षेत्र की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने सहित चार उपायों पर काम कर रहा है। इन स्तंभों पर विस्तृत विश्लेषण जारी है। मंत्रालय हर प्रत्येक उत्पाद पर बारीकी से काम कर रहा है। मंत्रालय पहले से ही 20 देशों में निर्यात बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा था। अब इस रणनीति में 30 और देशों को शामिल किया गया है। इससे न सिर्फ निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि अमेरिका से होने वाले नुकसान की भरपाई भी होगी। 
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत का निर्यात जून में 35.14 अरब डॉलर पर स्थिर रहा। व्यापार घाटा कम होकर चार महीने के निचले स्तर 18.78 अरब डॉलर पर आ गया। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-जून में देश से 112.17 अरब डॉलर का निर्यात किया गया। 

उच्च टैरिफ के बीच सरकार ने सी-फूड निर्यातकों से झींगा और दूसरी मछलियों के निर्यात के लिए वैकल्पिक बाजार तलाशने को कहा है। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा, यूरोपीय संघ, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, रूस, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया और कई देश भारतीय समुद्री खाद्य पदार्थों के निर्यात के लिए उपलब्ध हैं। सरकार छोटे कारोबारियों और निर्यातकों को 90 दिनों तक के बकाया कर्जों के लिए ऋण गारंटी सुविधा प्रदान करने की योजना बना रही है। वित्त मंत्रालय ने 5 अरब रुपये तक के कारोबार वाले संकटग्रस्त छोटे व्यवसायों को कर्ज देने के लिए बैंकों को 10 से 15 फीसदी ऋण गारंटी देने का प्रस्ताव दिया है। बैंकों को गारंटी देने के लिए 40 अरब रुपये का आवंटन हो सकता है। जिन ऋणों का भुगतान 0 से 90 दिनों तक नहीं किया गया है, वे आरबीआई की एसएमए 0-2 श्रेणी में आते हैं। हालांकि, ये एनपीए श्रेणी में नहीं आते हैं।

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