संसद में हंगामा जारी, दोनों सदनों में काम ठप

राज्यसभा में सीआईएसएफ की तैनाती को लेकर जंग
नई दिल्ली : संसद में विपक्ष का हंगामा जारी है। बीते दिन लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई, जबकि राज्यसभा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद स्थगित कर दी गई। आज भी दोनों सदनों में भारी हंगामा देखने को मिला है, जिसके बाद लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।राज्यसभा में सीआईएसएफ की तैनाती पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और उपसभापति हरिवंश के बीच बहस के बाद पक्ष के नेता जेपी नड्डा ने अपनी बात रखी है। इस दौरान जेपी नड्डा ने कहा- आप (विपक्ष) सदन को चलने नहीं देते हैं, ये तरीका अलोकतांत्रिक है। जेपी नड्डा ने आगे कहा- मुझे 40 वर्षों तक विपक्ष में रहने का अनुभव, इस पर आप (विपक्ष) मुझसे ट्यूशन ले सकते हैं। इसके बाद डीएमके सांसद तिरूचि शिवा ने चर्चा में हिस्सा लिया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
अमेरिका भारत को नजरअंदाज नहीं कर सकता : कार्ति चिदंबरम
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से रूस से तेल खरीद पर भारत पर टैरिफ में भारी वृद्धि करने की बात पर, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से आवेग में की गई कोई भी अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा भारत के लिए सजा नहीं है, बल्कि अमेरिकी उपभोक्ताओं पर भी बोझ है। इसका उनकी अपनी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। ऐसा नहीं है कि यह टैरिफ सिर्फ भारत के लिए कोई दंड या दंड है। इस टैरिफ का अंतिम बोझ अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और यह एहसास प्रशासन को तब होगा जब उनकी जनता बढ़ती कीमतों के बारे में शिकायत करने लगेगी। अगर उन्हें अपने आयातित उत्पादों पर ज्यादा टैरिफ का सामना करना पड़ा, तो कई छोटे व्यवसाय बंद हो जाएंगे। अमेरिका भारत जैसे बड़े देश से आपूर्ति श्रृंखला को तुरंत नहीं बदल सकता। इसमें बहुत समय लगता है, और क्षमता निर्माण आसान नहीं है।
भारतीय प्रशासन का मानना था कि अतीत में ट्रंप के साथ एक-दो संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करके, उन्होंने उनके साथ एक तरह का व्यक्तिगत संबंध बना लिया है। यह सच नहीं है। हमें घबराना नहीं चाहिए, हमें कड़ी बातचीत करनी चाहिए और अपने हितों को ध्यान में रखना चाहिए और हम किसी न किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। अमेरिका इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता। उनकी कंपनियों को भारतीय बाजार की जरूरत है और उनके उपभोक्ताओं को भारतीय आपूर्ति श्रृंखलाओं की। यह दोतरफा रास्ता है।’