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ट्रंप ने फिर टाली तारीख, अब 7 अगस्त लागू होगा टैरिफ

वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया के तमाम देशों पर लगाए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ के लागू होने की तारीख बढ़ा दी है। पहले यह टैरिफ आज यानी 1 अगस्त से प्रभावी होना था। अब इसकी अगली तारीख एक हफ्ते बढ़ाकर 7 अगस्त तय की गई है। इसका मतलब है कि भारत पर लगाया जाने वाला टैरिफ भी अब आज से लागू नहीं होगा। इससे भारत को और समय मिलेगा, ताकि वह अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ अपनी रणनीति बना सके। भारत के पास इस दौरान अमेरिका के साथ जारी व्यापार समझौते को लेकर अपनी शर्तें मनवाने का भी मौका होगा।

अगर ट्रंप फिर से टैरिफ लागू करने की समयसीमा नहीं बढ़ाते हैं तो भारत से आयातित वस्तुओं पर अमेरिका की ओर से घोषित 25% अतिरिक्त शुल्क और जुर्माना एक हफ्ते बाद से लागू होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका यह सब सिर्फ दबाव की रणनीति के तहत कर रहा है, इस वजह से उम्मीद कम ही है कि एक हफ्ते बाद भी यह टैरिफ लागू हो। इस शुल्क के लगने से भारत के निर्यात पर किस तरह का असर पड़ेगा? कौन सी वस्तुएं और सेक्टर इससे सर्वाधिक प्रभावित होंगे? देखना अहम है। ट्रंप ने भारत में रूस से आयात होने वाले तेल और हथियारों पर जुर्माना लगाने की भी घोषणा की है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह जुर्माना कितना होगा और किस तरह लागू किया जाएगा?

अमेरिका में भारत से निर्यात होने वाले स्टील और एल्युमीनियम पर 50% और ऑटो व ऑटो पार्ट्स पर 25% शुल्क लगा हुआ है। हाल में ट्रंप ने जिस शुल्क की घोषणा की है, वह भारतीय वस्तुओं पर लागू मौजूदा शुल्कों के अतिरिक्त लगाया गया है। इसको इस तरह समझें, वर्तमान में वस्त्र उद्योग पर 6-9% शुल्क लगता है। 25% शुल्क जोड़ने के बाद एक अगस्त से अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय वस्त्र उत्पादों पर 31-34 फीसदी शुल्क लगेगा। सेवा क्षेत्र में भारत ने अनुमानित 28.7 अरब डॉलर का निर्यात और 25.5 अरब डॉलर का आयात किया। इससे भारत को 3.2 अरब डॉलर का अधिशेष प्राप्त हुआ। भारत का अमेरिका के साथ कुल व्यापार अधिशेष 44.4 अरब डॉलर रहा। थिंक टैंक जीटीआरआई के अनुसार, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय गतिविधियों, रॉयल्टी व हथियारों के व्यापार से प्राप्त राजस्व को शामिल करने पर कुल अधिशेष 35-40 अरब डॉलर है।

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