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Investigation : छांगुर के करीबियों ने एटीएस के गवाह को दी धमकी

तीन पर FIR, सहयोगी रमजान तक पहुंची टीम

लखनऊ : अवैध धर्मांतरण व देश विरोधी गतिविधियों के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के करीबी अभी भी क्षेत्र में सक्रिय हैं। एटीएस की जांच और कार्रवाई के बाद भी छांगुर के सहयोगी लोगों को धमका रहे हैं। एटीएस की जांच में गवाही देने वाले हरजीत कश्यप को कुछ लोगों ने जान से मारने की धमकी दी है। हरजीत की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। हरजीत का आरोप है कि तीनों छांगुर के खास लोग हैं और उन पर बयान बदलने का दबाव बना रहे हैं, मना करने पर जान से मारने की धमकी दी है। धानेपुर क्षेत्र के रेतवागाड़ा में रमजान का नाम छांगुर के करीबी में जुड़ा था। एफआईआर में छांगुर के साथ रमजान आरोपी है। वह एक मदरसे में शिक्षक के रूप में काम कर रहा था। स्थानीय लोग बता रहे थे कि रमजान की मृत्यु हो चुकी थी। सूत्रों का कहना है कि रमजान तक एटीएस पहुंच गई है।

छांगुर नेपाल से सटे गांवों में धर्मांतरण का अड्डा स्थापित करने में जुटा था। इसके लिए उसने टीम तैयार की थी। यहीं से वह नेपाल में पैठ बनाने के प्रयास में था। इसके लिए 46 गांवों के युवाओं पर उसकी नजर थी। तकरीर के बहाने वह जलसों में परचे बांटकर यह जानने की कोशिश करता था कि सीमावर्ती युवाओं की सोच कैसी है। जिहाद के प्रति उनका नजरिया कैसा है। चिह्नित युवाओं को छांगुर धन देकर मजबूत बनाना चाहता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सीमा पर इस्लामिक मूवमेंट के लिए करीब 10 करोड़ की रकम खर्च करने की तैयारी थी। देश विरोधी यह षड्यंत्र सफल होता उससे पहले छांगुर की असलियत सामने आ गई। यह अलग बात है कि अगस्त 2024 में छांगुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के आठ महीने तक बस जांच ही होती रही। कार्रवाई में तेजी मार्च के बाद ही आई।

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