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UP में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में 164 उद्यमियों ने पूंजी निवेश की : केशव मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा मिलना शुरू हो गया है। इन क्षेत्रों गत 04 वर्षों में उत्कृष्ट कार्य किए गए हैं, कई उल्लेखनीय उपलब्धियां भी हासिल हुई है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक आर.के. तोमर ने बताया कि प्रदेश सरकार उप्र इन्वेस्टर्स समिट-2018 में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के उद्योगपतियों द्वारा 285 एमओयू हस्ताक्षरित किए गए। जिसके जरिये उद्योगों की स्थापना के लिए 15182.54 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की अभिरूचि व्यक्त की गयी, जिसमें से 164 उद्यमियों ने प्रदेश में पूंजी निवेश प्रारम्भ कर दिया गया है। इनमें से 125 ने व्यवसायिक उत्पादन शुरु कर दिया है, 09 व्यवसायिक उत्पादन के लिए तैयार हो चुकी है और 30 में निर्माण कार्य चल रहा है।

प्रथम ग्राउड ब्रेकिंग समारोह के पश्चात 14 एमओयू में से 13 इकाइयों ने व्यवसायिक उत्पादन प्रारम्भ कर दिया है और 01 में निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें लगभग 3524.57 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हुआ है। इसमें लगभग 20 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं 88 हजार को अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है। द्वितीय ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह में खाद्य प्रसंस्करण की 42 परियोजनाओं में से 28 ने व्यवसायिक उत्पादन प्रारम्भ कर दिया है, 02 व्यवसायिक उत्पादन के लिए तैयार है और 07 में निर्माण कार्य चल रहा है, जिनमें 3084.55 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हुआ है और कुल पूंजी निवेश 3565.03 करोड़ रुपये का प्रस्तावित है। बताया कि इससे लगभग 25 हजार प्रत्यक्ष एवं 76 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुआ है।

एमओयू के तृतीय चरण में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापना की 225 इकाईयां हैं, जिनमें कुल निवेश 11209.16 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश प्रस्तावित है, इनमें से 84 ने व्यवसायिक उत्पादन प्रारम्भ कर दिया है। 07 व्यवसायिक उत्पादन के लिए तैयार हैं और 22 में निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें लगभग 89 हजार प्रत्यक्ष एवं 280 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो रहा है। श्री तोमर ने बताया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजनान्तर्गत 50 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गयी है। इन परियोजना प्रस्तावों के माध्यम से प्रदेश में 1063.42 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिनमें 01 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा तथा प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को आधुनिकतम अवस्थापना सुविधायें प्राप्त हो सकेगी।

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