कारोबार

लॉकडाउन की अफवाहों के बीच बढ़ी जमाखोरी, आवश्यक वस्तुएं 20 फीसदी तक हुईं महंगी

नई दिल्ली : कोरोना की दूसरी लहर रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बाद अफवाह का बाजार गर्म हो गया है। लॉकडाउन को लेकर अफवाह का असर शहरी औैर ग्रामीण क्षेत्र पर सामान रूप से हुआ है। ग्रॉसरी शॉप चलाने वाले दुकानदारों का कहना है कि अफवाह से किराने की वस्तुओं की बिक्री में करीब 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके चलते कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। खाद्य तेल से लेकर मासालों के दाम में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। मुख्य आवश्यक वस्तुओं की कीमत 5% से लेकर 20 % तक बढ़ गई है। लोगों में भय है कि आने वाले दिनों में जरूरी सामानों की किल्लत होने वाली है। इसीलिए वे आवश्यक वस्तुओं को अधिक मात्रा में खरीदकर स्टॉक कर रहे हैं। हालांकि, वास्तविक स्थिति ऐसी नहीं है। एफएमसीजी कंपनी आईटीसी, पारले प्रोडक्ट्स, सीजी कॉर्प, मेरिको और इमामी ने कहा है कि पिछले साल लागू लॉकडाउन के अनुभव से जरूरी उत्पादों की आपूर्ति करने में पूरी तरह सक्षम हैं। उनके पास आवश्यक वुस्तुओं का समुचित भंडारण हैं। वो आपूर्ति को बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों से खाद्य पदार्थों तथा दवा समेत जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को निर्देश दिया है। इसके अलावा, राज्यों से जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है जिससे जरूरी जिंसों की खरीदारी लोग घबराकर नहीं करे। मांग/ आपूर्ति असंतुलन की स्थिति से बचने के लिए प्रभावी निगरानी दल बनाने का भी निर्देश केंद्र द्वारा राज्य सरकारों को दिया गया है।

आईटीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि सभी आपूर्ति चैनलों में उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए आईटीसी ने जरूरी कदम उठाए हैं। महामारी के दौरान कंपनी ने परिचालन जारी रखने के लिए मजबूत नीतियां तैयार की है। बाजार में किसी भी तरह की अड़चनों और उतार चढ़ाव से निपटने के लिए भी संगठनात्मक ढांचे को तैयार किया गया है। मेरिको के प्रवक्ता ने भी कहा कि कंपनी इस साल बेहतर तैयारी में है। इमामी के निदेशक हर्ष वी अग्रवाल ने इस संबंध में कहा कि फिलहाल हमें किसी तरह के प्रभाव की आशंका नहीं है लेकिन हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। देश के कुछ राज्यों ने ही आंशिक लॉकडाउन लगाया है लेकिन आवश्यक वुस्तुओं के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कोरोना के कारण सब्जी, व दूध वाले से लेकर किराना वाले तक मनमर्जी के भाव ले रहे हैं। वहीं, कारोबारियों का कहना है कि डर के मारे लोग बड़ी मात्रा में जरूरी सामान को खरीदकर स्टॉक कर रहे हैं। इससे मांग और आपूर्ति का अंतर पैदा हो गया है जो कीमत बढ़ाने का काम कर रहा है।

 

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