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PM मोदी और CM योगी के हौसले से सपा की राजनीतिक अपराधीकरण से लिया लोहा : शैलेन्द्र सिंह

पूर्व डिप्टी एसपी ने मुकदमा वापस होने पर योगी सरकार का जताया आभार

लखनऊ। बाहुबली मुख्तार अंसारी पर आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पोटा) लगाने वाले पूर्व डिप्टी एसपी (पुलिस उपाधीक्षक) शैलेन्द्र सिंह ने यह कह कर अपना इस्तीफा तत्कालीन सपा सरकर को सौंपा था कि राजनीति का अपराधीकरण काफी बढ़ गया है। जब यह लिखकर पूर्व की मुलायम सरकार को इस्तीफा सौंपा तो बौखलाहट में सरकार ने यह तक कह दिया कि सिर्फ चर्चित होने के लिए यह इस्तीफा दिया गया है। बाद में उन्होंने अपना दूसरा इस्तीफा सरकार को सौंपा। इस विषय पर ‘हिन्दुस्थान समाचार’ ने रविवार को पूर्व डिप्टी एसपी से खास बातचीत की। पूर्व डिप्टी एसपी बताते है कि, ताकत लोकतंत्र में जनता देती है। अगर जनता ने इस बात का निर्णय ले ले कि हम अपराधी चरित्र के लोगों व माफियाओं को नहीं जितायेंगे तो जब यह नहीं जितेंगे तो कोई पार्टी इन्हें टिकट हीं नहीं देगी। सबसे बड़ी चीज लोकतंत्र में हम किसको दोष दें। मैंने बनारस में स्वतंत्र चुनाव लड़ा। समाजवादी पार्टी को छोड़कर सभी पार्टियां हमें टिकट दे रही थी। लेकिन मैंने स्वतंत्र चुनाव लड़ा और जनता से पूछा कि क्या आप एक शैलेंद्र को जीता जा सकते हैं। अगर एक शैलेंद्र को जीता देंगे तो पता नहीं कितने शैलेंद्र का अपने आप हौसला बढ़ जायेगा।

मैने यह प्रश्न जनता के बीच में रखा कि हमें लोकतंत्र में ताकत आप दे रहे हैं। और आप दूसरे को मत कोसिए नेता बनते ही। अगर वो देख रहे है कि माफिया खड़ा करके हम जीत जा रहे हैं तो क्यों नहीं खड़ा करेंगें, यह गलती हमारी है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि जनता ही हमें लोकतंत्र में ताकत देती है और जनता ही इसे सुधार सकती है। उल्लेखनीय है कि, बाहुबली मुख्तार अंसारी पर पोटा लगाने वाले पूर्व डिप्टी एसपी शैलेन्द्र सिंह को उम्मीद थी कि उन्हें न्याय मिलेगा। लेकिन कब मिलेगा यह वो नहीं जानते थे। आखिरकार वो दिन आया और इसी मार्च माह में शैलेंद्र सहित आठ लोगों पर वाराणसी के कैंट थाने में दर्ज मुकदमें को योगी सरकार ने वापस ले लिया। इस बात से शैलेन्द्र सिंह और उनका परिवार बेहद खुश है। लेकिन कही न कही यह गम भी है दिखा कि इन 17 सालों में उनके परिवार ने जो संघर्ष किया है वो शायद किसी ने किया होगा।

 

 

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