कारोबार

हीरो मोटोकॉर्प ने संचयी उत्पादन में 100 मिलियन का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार

यह उपलब्धि हासिल करने वाला भारत का एकमात्र ऑटोमोटिव विनिर्माता बना

नई दिल्ली। हीरो मोटोकॉर्प विश्व के करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार परिवहन प्रदान करने में आगे रहा है और यह उपलब्धि विकसित होती इंजिनियरिंग, परिचालन में उत्कृष्टता और स्थायी पद्धतियों की सफलता है। यह इस भरोसे और आस्था पर निर्मित हमारे पूरे इकोसिस्टम की भी सफलता है, जो कंपनी के साथ बढ़ती रही है। सबसे महत्वपूर्ण, यह उन ग्राहकों का जश्न है, जिन्होंने हीरो पर अपना प्यार और विश्वास जताना जारी रखा है।

यह महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत में निहित क्षमताओं और हीरो की ब्राण्ड अपील की पुष्टि भी करती है। हम भारत में विश्व के लिये निर्माण करते हैं- और यह उपलब्धि विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, जनसांख्यिकी और पीढ़ियों में हीरो के लिये ग्राहकों की चाहत दर्शाती है।

हम अपनी वृद्धि की यात्रा जारी रखने वाले हैं। ‘परिवहन का भविष्य बनने’ के अपने लक्ष्य के अनुसार हम अगले 5 वर्षों में कई नई मोटरसाइकिलें और स्कूटर्स लॉन्च करेंगे, साथ ही अपना वैश्विक विस्तार भी करेंगे। हम शोध एवं विकास में निवेश भी जारी रखेंगे और परिवहन के नये समाधानों पर केन्द्रित होंगे।

विश्व में मोटरसाइकिलों और स्कूटरों के सबसे बड़े निर्माता हीरो मोटोकॉर्प ने आज संचयी उत्पादन में 100 मिलियन (10 करोड़) यूनिट्स का आंकड़ा पार करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखण्ड के हरिद्वार में स्थित कंपनी की विनिर्माण सुविधा से 100 मिलियनवीं बाइक एक्सट्रीम 160आर को रोल-आउट किया गया।

यह लगातार 20वां वर्ष भी है, जब हीरो मोटोकॉर्प ने विश्व में दुपहिया वाहनों के सबसे बड़े विनिर्माता की प्रतिष्ठित उपाधि को बरकरार रखा है। हीरो मोटोकॉर्प का यह ऐतिहासिक उपलब्धि 100 मिलियन के संचयी उत्पादन का आंकड़ा छूने की सबसे तेज वैश्विक उपलब्धियों में से एक है, क्योंकि अंतिम 50 मिलियन यूनिट्स केवल सात वर्षों की अवधि में आई हैं।

 

100 मिलियन का मार्ग

  • 1994- पहला मिलियन
  • 2001- 5 मिलियन
  • 2004- 10 मिलियन
  • 2008- 25 मिलियन
  • 2013- 50 मिलियन
  • 2017- 75 मिलियन
  • 2021- 100 मिलियन
Show More

Related Articles